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Hariyali Teej kab hai ? Jane Hariyali teej date and Pooja vidhi

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Hariyali Teej kab hai सवाल का जवाब देने से पहले, हम आपको बताना चाहते हैं कि हरियाली तीज त्योहार हर साल अगस्त महीने में मनाई जाती है। इस साल Hariyali Teej 19 August 2023 Ko Hai.

आगे इस आर्टिकल में आप पढ़ेंगे सही पूजा विधि और हरियाली तीज कितने प्रकार की होती है और क्यों मनाई जाती है।

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हरियाली तीज का kya महत्व hai?

हरियाली तीज का महत्व – हरियाली तीज त्योहार, प्रकृति की महत्वपूर्णता को मानते हुए प्रियदर्शी और साफ हवाओं के साथ आता है। यह सौभाग्य और प्रेम की प्रतीक भी है, विशेष रूप से महिलाओं के लिए जो अपने पतियों के साथ दीर्घ और सुखद जीवन की कामना करती हैं।

इस वर्ष, हरियाली तीज की तारीख (Hariyali Teej date) अगस्त महीने में है, जो इस उत्सव की विशेषता और महत्व को और भी बढ़ाता है।

Hariyali Teej kab hai correct date according to Astrology are:-

यह खास त्योहार प्राकृतिक समयानुसार मनाया जाता है। हरियाली तीज के त्योहार की तारीखें ज्योतिष के माध्यम से निर्धारित की जाती है, जिसमें तारों और ग्रहों की गतियों का अध्ययन शामिल होता है।

चुनी गई तारीख महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पृथ्वी की भौतिक संरचना, ग्रहों की गतिविधियों और सौर ग्रहणों के साथ मेल खाती है। इससे इस त्योहार को आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से और भी महत्वपूर्ण बनाता है। हरियाली तीज महिलाओं के लिए प्यार और वैवाहिक सौभाग्य का उत्सव है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, Hariyali Teej kab Hai तारीख की गणना ब्रह्मांड के विभिन्न ग्रहों के संयोजन के माध्यम से की जाती है, जिसमें सौर और चंद्र मासों की स्थिति शामिल होती है। यह हमें ब्रह्मांड के पैटर्न के साथ इस त्योहार के महत्व को और भी गहराई से समझने में मदद करता है।

ज्योतिष के मार्गदर्शन का पालन करके, हम सही दिन पर Hariyali Teej का उत्सव this year 19 august 2023 ko मना सकते हैं, जो प्राकृतिक और ब्रह्मांडिक रूपरेखा से जुड़ा होता है। यह खुशी, प्यार और एकता का समय होता है, जिसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व होता है, और इसे रस्मों के साथ मनाया जाता है।

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हरियाली तीज पूजा विधि:

हरियाली तीज के आसपास आने के साथ ही, हम इस उत्सव की धार्मिक और पारंपरिक पूजा विधि के बारे में भी जानना चाहते हैं। इस पूजा विधि के अनुसार, प्रारंभ में सबसे पहले, सुबह जल्दी उठकर स्नान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

फिर, पूजा स्थल को सजाकर, मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। पतिव्रता स्त्रियां व्रत कथा सुनती हैं जो हरियाली तीज के उपवास का महत्व बताती है।

पूजा के बाद, महिलाएं अपनी सुहागिन सहेलियों के साथ खेतों में खेलती हैं, स्विंग पर झूलती हैं, और गीत-नृत्य का आनंद लेती हैं। यह त्योहार प्राकृतिक सौंदर्य का भी परिचय कराता है, जिसमें हरियाली और फूलों का ख़ास महत्व होता है।

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Hariyali Teej Manane ke sahi Steps kyaa hote hai?

  1. स्नान: पूजा की शुरुआत में, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। यह धार्मिक शुद्धता और नयापन की भावना लाता है।
  2. पूजा स्थल सजाना: मां पार्वती और भगवान शिव के मूर्तियों के लिए पूजा स्थल को सजाएं। फूलों, धूप, दीपक, और अर्घ्य के साथ पूजा का आयोजन करें।
  3. व्रत कथा सुनना: पतिव्रता स्त्रियां हरियाली तीज के उपवास की कथा सुनती हैं, जो इस व्रत की महत्वपूर्णता को समझाती है।
  4. खेतों में खेलना: पूजा के बाद, महिलाएं सखियों के साथ खेतों में खेलती हैं, झूलती हैं और गीत-नृत्य का आनंद लेती हैं।
  5. स्विंग पर झूलना: हरियाली तीज के उपवास के बाद, महिलाएं स्विंग पर झूलने का आनंद लेती हैं, जिससे वे खुशी और समृद्धि का प्रतीक महसूस करती हैं।
  6. तारों के बीच उपवासी: यह त्योहार सितारों के बीच मनाया जाता है, जिसमें आसमान की किस्मत और प्रेम की कथाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इन चरणों के माध्यम से, हरियाली तीज पूजा विधि का आयोजन किया जाता है, जो इस उत्सव की महत्वपूर्णता और पारंपरिकता को दर्शाता है।

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हरियाली तीज के प्रकार और किस राज्य में किस नाम से मनाई जाती है?

Hariyali TeezSaturday19 August 2023Punjab, Chandigarh, and Haryana
Kajari TeejSaturday02 September 2023UP, MP, Bihar, and Rajasthan
Hartalika TeejMonday18 September 2023Rajasthan, Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, and Jharkhand
हरियाली तीज के प्रकार और राज्य में किस नाम se jaani jati hai

हरियाली तीज कई प्रकार की होती है, जैसे हरतालिका तीज, सिंदूरी तीज, कजरी तीज।

यह त्योहार भारत के विभिन्न राज्यों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है। उदाहरण के लिए,

यह पश्चिम बंगाल में ‘हरतालिका तीज’ के रूप में मनाई जाती है,

जबकि उत्तर प्रदेश में ‘कजरी तीज’ और राजस्थान में ‘सिंदूरी तीज’ के नाम से जानी जाती है।

यह त्योहार महिलाओं के लिए विशेष महत्वपूर्ण होता है और पारंपरिकता का महत्व बनाए रखने में मदद करता है।

हरियाली तीज Kyo मनाया जाता है|

हरियाली तीज का उत्सव विभिन्न कारणों से मनाया जाता है, जो इसे सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाते हैं।

1. प्रकृति के साथ सम्बंध: हरियाली तीज ग्रीष्म ऋतु के आगमन के साथ आता है और प्रकृति की नयापन और सुंदरता की प्रशंसा करता है।

2. प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक: महिलाएं इस उत्सव में पतिव्रता व्रत रखती हैं, जो प्रेम और पतिपरमेश्वर के संबंध की महत्वपूर्णता को दर्शाता है।

3. पारंपरिकता और संस्कृति का महत्व: यह त्योहार पारंपरिकता और संस्कृति के महत्व को बनाए रखने में मदद करता है, जो हमारे धार्मिक और सामाजिक मूलों का हिस्सा है।

4. शिव-पार्वती के प्रेम की कथा: इस तीज का महत्वपूर्ण हिस्सा है पार्वती माता और भगवान शिव के प्रेम की कथा, जिससे यह उत्सव एक आदर्श प्रेम की प्रेरणा देता है।

5. फसल की सफलता की आशा: हरियाली तीज फसलों की अच्छी उपज और सफलता की प्रार्थना का प्रतीक भी होता है, जिससे किसानों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

इन कारणों से हरियाली तीज एक महत्वपूर्ण और प्रसन्नता भरा उत्सव है, जो आदर्श प्रेम, संस्कृति और प्राकृतिक संवाद को प्रमोट करता है।

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Hariyali teej kab hai की सांस्कृतिक महत्वपूर्णता:

हरियाली तीज भारतीय संस्कृति में गहनता और प्रेम के प्रतीक के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह त्योहार महिलाओं की एकता, सौभाग्य, और परंपराओं की महत्वपूर्णता को दर्शाता है।

लोककथाएँ और किस्से: हरियाली तीज के साथ अनेक लोककथाएँ और किस्से जुड़े हैं, जिनमें पार्वती माता और भगवान शिव के प्रेम की कहानियाँ शामिल हैं। ये किस्से आदर्श प्रेम और पतिव्रता धर्म की प्रेरणा देते हैं।

गाने, नृत्य, और पारंपरिक वस्त्र: Hariyali teej के दौरान, महिलाएं परंपरागत गानों और नृत्यों के साथ आत्मा को लगातार मनोरंजन प्रदान करती हैं। इसके साथ ही, पारंपरिक वस्त्र पहनकर महिलाएं अपनी सांस्कृतिक पहचान को महत्व देती हैं।

यह त्योहार समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाता है और विभिन्न आयामों में समृद्धि, सौभाग्य, और सामाजिक संबंधों की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है। इसका महत्व लोककथाओं, संगीत, और रंगीन नृत्यों में छिपा होता है, जो सांस्कृतिक समृद्धि को प्रमोट करते हैं।

Frequently asked Question on Hariyali Teej kab hai?

हरियाली तीज के सम्बंधित कई सवाल लोगों के मन में उठते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ आम सवाल और उनके उत्तर:

Q1. हरियाली तीज क्या है?

Ans:- हरियाली तीज भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है जिसे प्रकृति, प्रेम, और परंपराओं की महत्वपूर्णता के रूप में माना जाता है।

Q2. Hariyali teej kab hai or मनाई जाती है? हरियाली तीज का क्या महत्व है?

Ans:-हरियाली तीज ग्रीष्म ऋतु के मध्य में आने वाले अगस्त-सितंबर महीने में मनाई जाती है। यह त्योहार प्रकृति की सुंदरता, प्रेम और पतिव्रता धर्म की महत्वपूर्णता को दर्शाता है।

Q3. हरियाली तीज के व्रत क्यों रखे जाते हैं?

Ans.-महिलाएं हरियाली तीज के दिन व्रत रखकर अपने पति की लम्बे और सुखमय जीवन की कामना करती हैं।

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Q4. हरियाली तीज में क्या पूजा विधि होती है?

Ans.- प्रारंभ में स्नान करके, मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है, फिर व्रत कथा सुनी जाती है।

Q5. हरियाली तीज के दौरान क्या रीति-रिवाज होते हैं?

Ans:- महिलाएं परंपरागत गानों, नृत्यों, और पारंपरिक वस्त्र पहनकर तीज के उपवास का पालन करती हैं।

Q6. हरियाली तीज की कुछ प्रमुख खासियतें क्या हैं?हरियाली तीज में खेले जाने वाले खेल क्या होते हैं?

Ans:- यह त्योहार भारत के विभिन्न राज्यों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है और अपने स्थानीय संस्कृति की प्रतिष्ठा करता है।

महिलाएं खेतों में खेलती हैं, झूलती हैं, और गीत-नृत्य का आनंद leti hai.

Q7.Hariyali Teej kab hai Kyo मनाते हैं? दो प्रकार की तीज कौन-कौन सी हैं?

Ans:- 19 August 2023 हरियाली तीज को हम प्रकृति की खुशहाली, प्रेम और पतिव्रता के प्रतीक के रूप में मनाते हैं। हरियाली तीज और कजरी तीज दो प्रमुख प्रकार की तीज हैं।

Q8. हरियाली तीज के लिए Dress code क्या है?

Ans:- हरियाली तीज पर परंपरागत भारतीय परिधानों में बने रहना आमतौर पर प्राथमिकता होती है, Hariyali teej Dress code are साड़ी, लहंगा चोली, और श्रृंगारिक आभूषण।

Conclusion

इस आलेख के माध्यम से हमने देखा कि हरियाली तीज एक महत्वपूर्ण हिन्दू उत्सव है जिसे प्रकृति, परंपरा और प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

हमने जाना कि यह तीज वर्ष 2023 में कब मनाई जाएगी और उसकी पूजा विधि क्या होती है। इसे मनाकर हम अपने संबंधों में आपसी समरसता और परंपराओं को मजबूती से बनाए रख सकते हैं।

आइए, इस हरियाली तीज पर आपके जीवन में खुशियों की बरसात हो।

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