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Budha Graha Ke Mantra Or Dosh Nivarana Ke Asardar Upay Janiye

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budha graha को ग्रहों का युवराज माना जाता है। जैसे सूर्य को राजा और चंद्रमा को मंत्री या रानी कहा जाता है, ठीक उसी तरह बुध ग्रह युवराज हैं। यह ग्रह बुद्धिमानता और सूक्ष्मता का प्रतीक है।

इसका प्रभाव व्यक्ति की बुद्धि, वाणी और हार्मोन्स पर होता है। बुध ग्रह से व्यक्ति को धन की प्राप्ति और गणितीय क्षेत्र में सफलता मिलती है। हालांकि, अगर बुध ग्रह कमजोर हो, तो व्यक्ति की बुद्धि तीक्षण नहीं होती और उसे शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है।

इस लेख में आपको budh graha से क्या समस्याएं  होती है। also budha graha की remedies भी आपको बतायेगें। तो चलिए जानते बुध ग्रह से जुडी एक एक बातो को।  

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lord Budha Graha

काल पुरुष के तीसरे और छठे घर का स्वामी budha graha होता है। छठे घर जो होता है वह रोग, ऋण, रितु का होता है। छठ घर लिटिगेशन का भी है। also छठा घर मेडिकल प्रोफेशन का भी है। and बुद्ध बुद्धि का कारक है। बुध हमारी एजुकेशन का कारक है।

also तीसरा घर जो है वह शिक्षा का घर होता है। बुध ग्रह वाणी का कारक है। and अगर चक्रों के आधार पर देखें तो जहां हमारा वॉइस बॉक्स है। यानि की हमारा गला तो यहीं पर मनुष्य के शरीर में  बुध की स्थिति मानी गई है।

यह मिथुन और कन्या राशि की कल्पना ज्योतिष शास्त्र में की गई है। and budha graha को विशुद्ध चक्र भी कहते हैं यह पांचवा चक्र है and विशुद्ध चक्र अगर सिद्ध हो जाए तो ऐसे आदमी के एक आवाज से पूरी दुनियां सम्मोहित हो सकती है। for example- स्वामी विवेकानंद का विशुद्ध चक्र सिद्ध था। 

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Budha Graha Mantra

Budha-Graha-Mantra
Budha-Graha-Mantra
  • आपकी कुंडली में बुध खराब है तो आप कम से कम सात बार ॐ बुधाय नमः मंत्र का जप तो जरूर करे।
  • “जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम्। तमोरिम सर्वपापघ्नं प्रणतोस्मि दिवाकरम्॥” then यह सूर्य का पौराणिक मंत्र है इस मंत्र को 108 बार करके भगवान सूर्य का ध्यान करके उसके बाद बुद्ध के मंत्रों का जप करें ॐ बुं बुधाय नमः तो सूर्य के साथ होते ही बुद्ध की ताकत बढ़ जाती है
  • यदि जन्म कुंडली में बुध अशुभ फल दे रहा है तो भगवान विष्णु का ध्यान करके शुक्ल पक्ष के बुधवार को 9000 मंत्रों का जप करे। also यह तांत्रिक मंत्र बहुत जल्दी प्रभाव देते हैं जैसे – ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स बुधाय नमः और ॐ स्क्रीन स्क्रीन बुद्धाय नमः।

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Budha Graha Effects

अगर आपकी कुंडली में Budha Graha के Effects या बुध कमजोर हो तो व्यक्ति की बुद्धि  शार्प नहीं होती। व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई जरूर आती है। also व्यक्ति को वाणी त्वचा या ईएनटी की कान नाक गले की समस्या परेशान करेगी। and बुध अगर आपका गड़बड़ होगा तो आपका कैलकुलेशन अच्छा नहीं होगा ,

आपका पैसे का मैनेजमेंट अच्छा नहीं होगा आपकी बुद्धि सही समय पर काम नहीं कर पाएगी। आपकी वाणी आपका साथ नहीं देगी। बुध ग्रह व्यक्ति की बुद्धि, विवेक, और बोलचाल को प्रभावित करता है।

अगर आपका बुध ग्रह अशुभ है तो आपको जीवन में निराशा and समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। therefore इसके प्रभाव को दूर करने के लिए बुध ग्रह मंत्र का जाप किया जाता है।

उनकी आवाज बहुत भारी होती है ऐसे लोग जल्दबाजी में झूठ और निंदा कर बैठते हैं। but बुध ग्रह बहुत खराब हो मतलब बुध का चौथे भाव में जाने पर उस बहुत खराब हो जाता है or खास कर के तब जब वह अस्त हो जाए तो है।

also तो उसका उच्चारण इतना खराब होता है कि दूसरों को समझ में नहीं आता कि आदमी बोल क्या रहा है। कई बार वह बोलने में तुतलाता भी है। 

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Budha Graha Colour

Budha-Graha-Colour
Budha-Graha-Colour

Budha Graha का Colour पीला और हरा होता हैं। ये रंग बुद्धि and विवेक को प्रकट करते हैं। Budha Graha को रंगो की मदद से ठीक करने के उपाए बताये गए है।  

आप सबसे पहले तुलसी का पत्ता ले लीजिए और उसको थोड़ा सा दबाने के बाद जो रस निकलता है। उसे अपने हाथ की जो सबसे little finger है जहा से वह सुरु होती है। उस रस को लगा लीजिए। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस स्थान पर बुध का स्थान होता है।

and दोनों का रंग हरा होने की वजह से आप इसको कलर थेरेपी के अंदर लाकर अपने बुध ग्रह को ठीक क्र सकते हो। but ये उपाए sunday के दिन नहीं करना है।  

गले में हरे रंग की माला वगैरह भी यूज कर सकते हैं। जैसे लेडीस हाथों में ब्रेसलेट यूज कर सकते हैं। इसके इलावा आपको तीसरा उपाय में  आप ग्रीन कलर की एक कांच की बोतल ले लीजिए then उसमें पानी पीना शुरू कर दीजिए

also इससे भी आपका जो बुध ग्रह धीरे-धीरे सही  होना शुरू हो जाएगा। इन सब का मतलब यह है की आप ज्यादा से ज्यादा अपने आस-पास हरे रंग का इस्तमाल करे। 

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Budha Graha Remedies

  • मंत्र जप: बुध ग्रह के मंत्र का नियमित जप करें।
  • रत्न धारण: पन्ना रत्न को धारण करें।
  • भोजन में परिवर्तन: हरी सब्जियों का प्रयोग करें और उत्तर दिशा की ओर चेहरा करके भोजन करें
  • सबसे पहले अपनी वाणी को मधुर रखने का प्रयास करें मधुरता से सॉफ्टली पोलाइट बहुत आराम से करने की आदत डालें। चीखने चिल्लाने से जहां तक हो सके बचे।
  • यदि जन्म कुंडली में बुध अशुभ फल दे रहा है तो भगवान विष्णु का ध्यान करके शुक्ल पक्ष के बुधवार को 9000 मंत्रों   बुद्धमंत्र  का जप करने से
  • हरी चीजों का दान करे like – मूंग या पांच हरे फल साथ ही साथ चीनी भी ले सकते है also हरे रंग के फूल then हरी इलायची आदि। यह शुभ माना जाता है।
  • अगर आपको लगता है कि संबंधों में बुध के कारण खराबी आ रही है तो  श्रीकृष्ण और राधा को हरा मीठा पान जरूर अर्पित करें। aslo इससे बुध का प्रभाव जो है वह शुभ होने लग जाता है और दुष्प्रभाव दूर होता है।
  • हरे रंग के कंचे रखना भी जीवन में बहुत फल देता है यह भी बुद्ध ग्रह का कारक होता है।
  • बुधवार के दिन किसी किन्नर को आप हरे रंग की वस्तुओं या हरे कपड़े का दान जरूर करें।
  • बुध को ठीक करने के लिए कि ऐसे लोगों को मट्ठा जरूर पीना चाहिए।
  • फिटकरी को पानी में घोलकर के उससे कुर्ला करना चाहिए।
  • रोज अलोम-विलोम प्राणायाम करना चाहिए।

Note – अगर बुद्ध आपके पहले पांचवे या नव घर के स्वामी हैं then आप उनका उपाय यानी की डैन वगैरा कभी नहीं करेंगे आप मेट्रो के जाप अवश्य कर सकते हैं

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Budha Graha Characteristics

दोस्तों Budha Graha के मजबूत होने पर व्यक्ति की बुद्धि में वृद्धि होती है और उसका व्यवहार सकारात्मक होता है। वह मधुर बोलने और सुनने में निपुण होता है और संगीत के प्रति रुचि भी बढ़ जाती है।

  • बुद्धिमानता: बुध ग्रह के अधीन जातक बुद्धिमान, विचारशील, और बुद्धिमत्ता से संबंधित होते हैं। इस ग्रह का प्रभाव विद्या, शिक्षा, और बुद्धिमानता के क्षेत्र में होता है।
  • वाणी और संचार: बुध ग्रह वाणी, संचार, और संचार कौशल के प्रतीक है। and इसका प्रभाव वाणीकी कौशल, भाषा, लेखन, और आचार संबंधित क्षेत्रों में होता है।
  • बुद्धि और सोचने की क्षमता: बुध ग्रह ज्ञान, विचार, और सोचने की क्षमता को बढ़ाता है। then यह ग्रह विचारशीलता, तथ्यों को समझने की क्षमता, और विवेचना को प्रोत्साहित करता है।

Budha Graha Dosha Nivarana

Budha-Graha-Dosha-Nivarana
Budha-Graha-Dosha-Nivarana

यदि budha graha अशुभ हो और आपकी जिंदगी में समस्याएं आ रही हैं  तो budha graha dosha nivarana के कुछ उपाय हैं। जैसे की आपको नौमी वाले दिन किसी भी देवी के मंदिर में जाकर नौ  चूड़ियां जरूर चढ़ाने चाहिए।

हरे रंग की हो तो आपको इससे और फायदा होगा। then आपको नौमी वाले दिन ही किसी कन्या को हरे रंग के नौ कपड़े देने चाहिए। and अपने अलग-अलग कन्याओं को भी दे सकते हैं एक को भी दे सकते हैं

आप यह कार्य घर करते हैं तो नौमी को यह करा हुआ कार्य आपके बुद्ध को बलवान करता है also बुद्धि विवेक कम्युनिकेशन यह सारी चीजें बुध का प्रतीक है जरुर करेगा

ये उपाय बुध ग्रह के अशुभ प्रभावों को निवारण करते हैं और व्यक्ति को सकारात्मकता और समृद्धि की ओर ले जाते हैं।

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Conclusion- 

हमने देखा कि Budha Graha की Characteristics and उसके effects कितने महत्वपूर्ण हैं। बुध ग्रह मन्त्र और उपायों के माध्यम से हम इसके दोषों को दूर कर सकते हैं।aslo इसके शुभ प्रभाव को अधिक कर सकते हैं।

इस ग्रह का रंग हरित होता है then इसके प्रभाव को बढ़ाने के लिए विभिन्न उपायों का अनुसरण किया जा सकता है। also इस तरह, बुध ग्रह के विशेषताओं का सम्मान करते हुए, हमें इसके प्रभावों का सामना करने के लिए जागरूक रहना चाहिए also अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए उपायों का पालन करना चाहिए।

इस रूप में, हम सभी को बुध ग्रह के महत्व को समझने and उसके प्रभाव को संतुष्टि और समृद्धि के लिए उपयोगी बनाने के लिए सक्रिय रहना चाहिए। also इसके साथ ही, बुध ग्रह के दोष निवारण के लिए अद्वितीय उपायों का अनुसरण करने से हम अपने जीवन को संतुलित और समृद्ध बना सकते हैं।

FAQs- Frequently Asked Questions 

Q- Budha Graha की उच्चतम स्थिति कौनसी राशि में है?

Ans- मिथुन राशि में। 

Q- बुद्ध ग्रह की नीचतम स्थिति कौनसी राशि में है?

Ans- मीन राशि में। 

Q- बुद्ध ग्रह का किस राशि का स्वामी होता है?

Ans- बुद्ध ग्रह का अधिपत्य मिथुन और कन्या राशि में होता है।

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